योग-निद्रा का प्राथमिक अभ्यास
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मित्रो,
आज आप एक रात्री को सोते समय एक प्रयोग करेंगे।
रात को आप बिस्तर पर सोने के लिए जाए तो नियमित जैसे जाते हो वैसे ही जाए।कमरे मे रोशनी हल्की रखे।
मगर आप ईस तरीके से सोए।
पीठ के बल शवासन मे लेट जाए और आँखे बंद कर ले,और शरीर को ढीला( Relax)छोड दे,एकदम ढीला,फिर लम्बी गहरी श्वास धीरे-धीरे लेना है,और छोडना है।
श्वास अंदर लो,तो महसूस करो की,श्वास नाभि के नीचे मूलाधार तक जा रही है।
और बाहर निकालो तो महसूस करो की मूलाधार से पुनः कंठ प्रदेश तक जाकर नासिका द्वारा बाहर निकल रही है।ऐसा तब तक करो जब तक नींद ना आ जाए।
श्वास सहजता से ले,आराम से धीमी और गहरी हो।
लाभ:--(1) बहुत लोगो को अनिद्रा की समस्या होती है,वो मिट जाती है।
(2)मस्तिष्क को ऑक्सीजन परिपूर्ण रूप मिलने पर नींद गहरी और शांती पूर्वक आती है।
(3) अगर नींद हमारी गहरी है,तो हमारी सुबह भी ताजगी,स्फूर्ति,उत्साह भरी होती है।और एक नई ऊर्जा का अनुभुति होती है।
(4) गहरी नींद मे हमारे आंतरिक व बाहृय अंगो की मरम्मत होती है।और नई कोशिकाओ का निर्माण भी होता है।
(5) बाकी आप ये प्रयोग कुछ दिन करके देखे,ईससे कई छोटी-मोटी शारिरिक व मानसिक व्याधियाँ शांत होती है।यह भी"योगनिद्रा" की तरह ही है।
(6)"योगनिद्रा" के दूसरे अभ्यास मे तो ईसी तरह आप अवचेतन अवस्था मे पहुँचकर हम मन को सजेशन देकर हम कई तरह के शारिरिक व मानसिक लाभ ले सकते है।क्यो की हमारा अवचेतन मन चेतन मन से 90 गुणा ज्यादा पाॅवरफुल है,वो हम आगे समझेंगे।
शुक्रवार, 31 जुलाई 2020
योग-निद्रा का प्राथमिक अभ्यास, Primary practice of Yoga-Nidra
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